Sunday, July 21, 2019
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प्री-पोल सर्वे:मोदी के जलजले से विपक्ष तबाह

सर्वे 19 राज्यों में 24 से 31 मार्च के बीच किया गया

इसमें 101 लोकसभा क्षेत्रों की 101 विधानसभा सीटों के 10,010 लोगों ने भाग लिया 

सर्वे कैसे हुआ
सर्वे 19 राज्यों में 24 से 31 मार्च के बीच किया गया। इसमें 101 लोकसभा क्षेत्रों की 101 विधानसभा सीटों के 10,010 लोगों ने भाग लिया। सर्वे में कुल 46% महिलाएं, 19% अनुसूचित जाति, 10% अनुसूचित जनजाति, 13% मुस्लिम, 2% ईसाई और 3% सिख मतदाता शामिल थे।

बालाकोट, सवर्ण आरक्षण, किसान सम्मान सबसे असरदार 
सर्वे में कई चौंकाने वाले फैक्टर सामने आए हैं। जैसे- मई 2018 में जहां सिर्फ 34% लोग चाहते थे कि मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनें। वहीं 24 से 31 मार्च के बीच किए गए इस प्री पोल सर्वे में 43 फीसदी लोगों ने मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री पद पर देखने की इच्छा जताई। यहां बालाकोट एयर स्ट्राइक, सवर्ण आरक्षण और किसान सम्मान जैसी योजनाओं का असर देखने को मिला।

एनडीए को एक मौका और मिलना चाहिए?

चुनाव पूर्व
2019 (%)
मई 2018 (%)
मोदी सरकार को एक और मौका मिलना चाहिए 46 39
मोदी सरकार को एक और मौका नहीं मिलना चाहिए 36 47
कह नहीं सकते 12 14

उत्तर भारत में सरकार पर सबसे ज्यादा भरोसा है

मोदी सरकार को एक और मौका मिलना चाहिए (%) मोदी सरकार को एक और मौका नहीं मिलना चाहिए (%)
उत्तर भारत 52 35
दक्षिण भारत 29 47
पूर्वी भारत 50 30
पश्चिम-मध्य भारत 49 35

 

किसान सम्मान योजना, एयर स्ट्राइक और सवर्ण आरक्षण ने मोदी की लोकप्रियता 9% तक बढ़ाई
इनकंबेंसी की मुखरता में फंसी मोदी सरकार के हालिया तीन फैसले उसे दोबारा सत्ता में दिलाने में मददगार हो सकते हैं। सीएसडीएस-लोकनीति के मार्च के आखिरी हफ्ते में किए गए सर्वे में यह निष्कर्ष सामने आया है। मोदी सरकार ने यह फैसले 7 जनवरी से 26 फरवरी के बीच लिए थे, इससे स्थिति कुछ बदल सकती है। हालांकि इसके बावजूद सत्ता में वापसी बेहद करीबी मामला होने जा रहा है।

बालाकोट एयर स्ट्राइक से मोदी को फायदा

पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप तबाह करने का फैसला नरेन्द्र मोदी को इस चुनाव में फायदा पहुंचाने वाला हो सकता है। इस एयर स्ट्राइक के बारे में न जानने वाले वोटर्स की तुलना में जानने वाले वोटर्स में मोदी सरकार को एक और मौका देने का प्रतिशत ज्यादा है।

बालाकोट स्ट्राइक को जानने वालों में मोदी सरकार को एक और मौका देन का प्रतिशत बालाकोट स्ट्राइक से अनजान वोटर्स में मोदी सरकार को फिर मौका देन का प्रतिशत
उत्तर भारत 55 41
पूर्वी भारत 56 28
पश्चिम-मध्य भारत 52 37
दक्षिण भारत 34 16

 

कांग्रेस, उसके सहयोगी दल और लेफ्ट के समर्थक नहीं चाहते पाक पर मिलिट्री एक्शन

 

भारत को पाक स्थित सभी आतंकी ठिकाने नष्ट कर देना चाहिए (%) भारत को पाकिस्तान से बातचीत करना चाहिए (%)
कांग्रेस समर्थक 35 40
कांग्रेस के सहयोगी दलों के समर्थक 42 49
भाजपा समर्थक 56 27
भाजपा के सहयोगी दलों के समर्थक 54 32
बसपा के साथी दलों के समर्थक 52 28
लेफ्ट समर्थक 23 53
अन्य दलों के समर्थक 26 48

राफेल सौदे में मोदी सरकार का घेराव नहीं आया काम

राफेल सौदे पर मोदी को घेरने की कांग्रेस की रणनीति पार्टी को ज्यादा फायदा पहुंचाती नहीं दिखाई दे रही। सौदे के बारे में जानकारी रखने वाले ज्यादातर वोटर्स मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। इसमें सरकार को गलत मानने वाले वोटर्स भी मोदी को दूसरा मौका देना चाहते हैं।

मोदी सरकार को एक और मौका मिले (%) मोदी सरकार को अब कोई मौका नहीं मिलना चाहिए (%)
राफेल सौदे के बारे में जिन्होंने सुना 52 38
राफेल सौदे के बारे में जिन्होंने नहीं सुना 39 34
राफेल सौदे में मोदी सरकार को गलती मानने वाले वोटर्स 31 60
राफेल सौदे में मोदी सरकार को गलत न मानने वाले वोटर्स 78 17

मोदी की ईमानदार छवि बरकरार

  • राफेल सौदे के बारे में जानने वाले ज्यादातर वोटर्स मोदी को ईमानदार नेता मानते हैं। इस सौदे में सरकार की गड़बड़ी मानने वालों में भी एक बड़ी संख्या मोदी को ईमानदार मानती है।
  • राफेल सौदे के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों में 44% मानते हैं कि मोदी एक साफ और ईमानदार नेता हैं। 24% ये मानते हैं कि मोदी ईमानदार हो सकते हैं लेकिन वे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण नहीं रख पाए। 24% ऐसे भी हैं, जो सीधे-सीधे मोदी को भ्रष्टाचारी मानते हैं।
  • राफेल सौदे के बारे में नहीं जानने वाले 36% वोटर्स मोदी को ईमानदार और 17% भ्रष्ट मानते हैं। 17% मानते हैं कि मोदी भ्रष्टाचार पर नियंत्रण नहीं रख पाए।
  • इस सौदे में सरकार की गलती मानने वाले 24% वोटर्स भी मोदी को ईमानदार नेता कहते हैं। 29% मानते हैं कि मोदी भ्रष्टाचार नहीं रोक पाए। वहीं 39% मोदी को भ्रष्ट नेता मानते हैं।
  • इस सौदे में सरकार को क्लीन चीट देने वाले वोटर्स में 68% वोटर्स मोदी को ईमानदार और 11% वोटर्स भ्रष्ट मानते हैं। 17% मानते हैं कि मोदी भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगा पाए।

अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए वोटर्स की पहली पसंद सुप्रीम कोर्ट
43% चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले को सुलझाए। 26% की इच्छा है कि यह मामला मध्यस्थता से सुलझाया जाए। 8% ऐसे भी हैं जो संसद से इस मामले में कानून चाहते हैं। वहीं 4% इस पर अध्यादेश लाने का सुझाव देते हैं। 17% वोटर्स ने इस पर अपनी कोई राय नहीं दी।

हिंदू मुस्लिम
सुप्रीम कोर्ट 43 50
मध्यस्थता 25 26
संसद से कानून 9 7
अध्यादेश 5 1
अन्य 2 1
कोई जवाब नहीं 17 15

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