Saturday, May 25, 2019
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नरेंद्र मोदी को बदनाम कर रही है कांग्रेस की IT सेल

नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, तब से दो चीजें कन्सिस्टेंट रही हैं. एक, उनके विदेशी दौरे. दूसरा, उनके विदेशी दौरों पर बनने वाले चुटकुले और आपत्तियां. इससे जुड़ी एक तस्वीर पिछले कुछ समय से खूब वायरल हो रही है. इसमें PM मोदी के बगल में एक महिला बैठी हैं. लोग इसे शेयर करके खूब मजे ले रहे हैं.

इस वायरल तस्वीर में है क्या?
किसी विमान के अंदर की तस्वीर है. एक सीट पर PM मोदी बैठे हैं. उनके ठीक बगल वाली सीट पर एक महिला बैठी है. मोदी की सीट के दूसरी तरफ एक और शख्स बैठा है. देखने में ये कोई विदेशी लग रहा है. शायद वो शख्स मोदी के साथ सेल्फी ले रहा है. इस तस्वीर के साथ एक मेसेज भी है. इसमें लिखा है-

तो देख लो साहब विदेशी दौरा क्यों करते हैं.

ये तस्वीर काफी लाइक-शेयर पा रही है. लोग मौज ले रहे हैं.

सच क्या है?
बचपन में नंदन-चंपक टाइप कहानियों वाली किताबें आती थीं. उसमें एक ही तस्वीर के दो टाइप अगल-बगल में लगे होते थे. हमको दोनों तस्वीरों में अंतर खोजना होता था. अंतर इस टाइप के होते थे कि ऑरिजनल तस्वीर में जहां नदी होती थी, उसकी नकल वाली फोटो में वहां सांप डाल देते थे. ये वाली वायरल फोटो भी वैसी ही है. फोटोशॉप की मदद से असली तस्वीर में एक चीज बदल दी गई है. असली तस्वीर हमको मिली ‘Indian Languages Services’ की वेबसाइट पर. इसमें एक गुरदीप कौर चावला का जिक्र था. ये तस्वीर और भी कई जगहों पर है.

 

कौन हैं गुरदीप कौर?
गुरदीप अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंटरप्रेटर हैं. माने, दुभाषिया. मान लीजिए मोदी मिले चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से. चिनफिंग को हिंदी नहीं आती. मोदी को मंडारिन नहीं आती. तो वो दोनों दुभाषिये की मदद से बात करेंगे. शिनफिंग जो बोलेंगे, उसको दुभाषिया हिंदी या अंग्रेजी में अनुवाद करके मोदी को समझाएगा. मोदी जो कहेंगे, वो मंडारिन में चिनफिंग को समझाएगा या अंग्रेजी में चिनफिंग के इंटरप्रेटर को समझाएगा. गुरदीप ऐसा ही काम करती हैं. वो मोदी की दुभाषिया हैं. उनकी कही बातों को तुरंत अनुवाद करती हैं. मोदी जब भी विदेशी दौरों पर जाते हैं, अक्सर गुरदीप साथ होती हैं. इसलिए कि वो अपने काम में बहुत अच्छी हैं. दुभाषिये बहुत अहम होते हैं. उन्हें साथ ले जाना जरूरत है, अय्याशी नहीं.

गुरदीप की फोटो हटाकर उस दूसरी लड़की की फोटो क्यों लगाई होगी!
इसी आर्टिकल में एक तस्वीर भी मिली. वही, जिसका इस्तेमाल वायरल फोटो में हुआ है. फर्क ये है कि इस फोटो की क्वॉलिटी मस्त है और इसमें मोदी के बगल में वो वायरल फोटो वाली लड़की नहीं, बल्कि गुरदीप बैठी हैं. गुरदीप के हाथ में कुछ फाइल्स हैं. किसी ने गुरदीप को क्रॉप किया और उनकी जगह एक दूसरी लड़की की तस्वीर उठाकर वहां चिपका दी. तस्वीर भी ऐसी चुनी, जिसमें लड़की की क्लीवेज दिख रही है. कपड़े घुटनों से ऊपर हैं. ऐसा जान-बूझकर किया गया होगा. जिस मंशा से ये कलाकारी की गई, उसमें शायद गुरदीप की जगह इस लड़की की फोटो लगाना ज्यादा मसालेदार होता. ये लड़की कौन है, ये नहीं मालूम चल पाया. इंटरनेट की दुनिया इतनी बड़ी है. गिनती खत्म हो जाए, इतनी तस्वीरें हैं इस पर. कहीं से कोई तस्वीर उठाओ और इस तरह कहीं और चिपकाओ, तो कई बार उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है.

 

फेक न्यूज फैलाना (वो भी जान-बूझकर) खुद में ही क्रिमिनल हरकत है. ऊपर से ऐसे तस्वीर क्रॉप करके इधर-उधर का मसाला जोड़ना भी क्राइम है. जिस लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल वायरल फोटो में हुआ है, उससे इजाजत तो ली नहीं होगी किसी ने. उसकी फोटो बिना उसकी मर्जी के किसी दुष्प्रचार में शामिल करना ये एक तीसरा गंभीर क्राइम हुआ. मोदी के विदेशी दौरों से क्या हासिल हुआ, देश को इसका कितना फायदा हुआ, ये सारे सवाल अलग जगह हैं. लेकिन ऐसी तिकड़में भिड़ाना अलग ही लेवल की चीज है.

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